।। ऊँ गं गणपतये नमः ।।

।। ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ।।

माँ दुर्गा के सब प्रकार के कल्याण के लिये मन्त्र

॥“सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

।।ॐ।। ओम नम: शिवाय।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे | हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे ||

।।ॐ।। ओम नम: शिवाय।

।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय।

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