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।। ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ।।
॥“सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
ॐ हं हनुमंतये नम:
हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे | हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे ||
।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय। ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय।